क्या आपको भी आता है बहुत ज्यादा गुस्सा? यह पित्त बढ़ने के लक्षण की ओर हो सकता है इशारा- जानिए उपाय

गुस्सा एक स्वाभाविक क्रिया है जो आमतौर पर इंसान तब करता है जब उसके मन के मुताबिक काम नहीं होता। मगर अगर आपको छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा आता है और गुस्सा आने पर आप अपना कंट्रोल खो देते हैं तो यह समय अलर्ट होने का है। दरअसल बहुत अधिक गुस्सा आना इस बात का संकेत भी हो सकता है कि आपका शरीर पित्तज प्रकृति का है। यानी आपके शरीर में पित्त की अधिकता है। इसके साथ ही अगर गैस और एसिडिटी की समस्या भी रहती है और नहाने के कुछ देर बाद ही बॉडी से दुर्गंध आने लगती है तो यह इशारा है की आपके शरीर में पित्त की मात्रा अधिक हो गई है। आयुर्वेद के अनसुार पित्त असंतुलित होने पर कई रोग आपको अपनी चपेट में ले सकते हैं। पित्त (Pitta) कम हो तब भी व्यक्ति रोगी हो जाता है और अगर पित्त की मात्रा अधिक हो तब भी कई तरह के रोग अपना शिकार बनाते हैं। आइए जानते हैं की आखिर पित्त दोष होता क्या है, पित्त दोष किस वजह से होता है और पित्त दोष के लक्षण क्या है साथ ही किन बातों को ध्यान में रख कर पित्त दोष को कम किया जा सकता है।

Pitt dosh ke lakshan

पित्त दोष क्या है – Pitta Dosha in Hindi

पित्त दोष ‘अग्नि’ और ‘जल’ इन दो तत्वों से मिलकर बना है। शरीर का तापमान, पाचक अग्नि जैसी चीजों को पित्त द्वारा ही नियंत्रण में रखा जाता है। यह बॉडी में बनने वाले हार्मोन और एंजाइम को भी कंट्रोल में रखता है। शरीर में सबसे ज्यादा पित्त पेट और छोटी आंत में मिलता है। एक स्वस्थ शरीर में पित्त का संतुलन होना बेहद जरूरी है। संतुलित पित्त शरीर को कई खतरनाक बीमारियों से बचाता है। असंतुलित पित्त से पाचक अग्नि कमजोर पड़ जाती है और खाया हुआ भोजन ठीक से पच नहीं पाता।

Pitt dosh ke lakshan

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शरीर में पित्त बढ़ने के कारण- Pitta Badhne ke Karan

  • खाद्य पदार्थों में चटपटे, नमकीन, मसालेदार खाने का इस्तेमाल ज्यादा होने पर
  • शराब का सेवन अधिक मात्रा में करने भी बनता है बड़ी वजह
  • खट्टी चीजें जैसे दही,छाछ और सिरका का इस्तेमाल ज्यादा करने पर
  • बिना भूख के खाना खाने पर और सही समय पर खाना न खाने पर
  • हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और पैनक्रियाज से जुड़ी बीमारी भी पित्त बढ़ाती है
  • भेड़,मछली व बकरी के मांस का अधिक सेवन करने की वजह से भी बढ़ता  है पित्त
  • ज्यादा सेक्स करना भी पित्त बढ़ाने की वजह से शामिल है
  • महिलाओं में अक्सर प्रजनन प्रणाली में किसी तरह की दिक्कत आ जाने के बाद पित्त  बढ़ जाता है
  • पित्त बढ़ने के मुख्य कारणों में मानसिक तनाव भी शामिल है

Pitt dosh ke lakshan

पित्त बढ़ने के लक्षण- Pitta badhne ke Lakshan

  • बहुत जल्दी थकना और सारा दिन थकावट का एहसास, उत्साह में कमी और कमजोरी महसूस होना
  • सीने में जलन, आंखों, हाथों व तलवों में भी जलन का महसूस होना
  • सामान्य से अधिक गर्मी लगाना और हर समय पसीना आते रहना
  • शरीर से और मुह से दुर्गन्ध का आना
  • गले में सूजन और बार-बार मुँह में छाले होना
  • ज़्यादा गर्मी लगना और हर समय ठंडी चीजें खाने की इच्छा होना
  • सिर दर्द होना, जी मिचलाना, उलटी होना और चक्कर आना
  • हर समय गुस्से में रहना, स्वभाव में चिढ़चिढ़ापन का आना
  • मानसिक रूप से अशांत रहना, हर समय मन में निराशा का भाव रहना

पित्त बढ़ने के लक्षण- Pitta badhne ke Lakshan

इन उपायों को अपनाकर रखें पित्त को संतुलित

  • बढ़े हुए पित्त को शांत करने के लिए सबसे जरूरी है कि मसालेदार खाना बंद किया जाए।
  • लहसुन के छोटे-छोटे टुकड़े करके इसे घी से फ्राई करके इस्तेमाल में लाए। इससे बढ़ा हुआ पित्त शांत होता है।
  • ड्राई फ्रूट्स खाने से बचें। दरअसल सूखे मेवे की तासीर गरम होती है, इसलिए पित्त दोष को कम करने के लिए इन्हें नहीं खाना चाहिए। हालांकि आप बादाम को भिगोकर खा सकती हैं। मूंगफली का सेवन कम से कम करें।
  • शरीर को ठंडक देने वाली कच्ची सब्जियों को खाने में जरूर शामिल करें। जैसे खीरा, मूली, चुकंदर, गाजर, ब्रोकली इत्यादि।
  • पित्त दोष को कम करने के लिए रोजाना तितली आसन,शशांकासन और गोमुखासन जैसे आसनों को करने का अभ्यास करें। ये आसन शरीर में बढ़े पित्त को कम करने में मदद करते हैं।
  • ऐसी सब्जियां और दालों का भी सेवन न करें जिनकी तासीर गरम हो। इसके साथ ही चिपचिपी सब्जियों जैसे बैंगन, अरबी, भिंडी, कटहल को खाने से भी बचें।

इन उपायों को अपनाकर रखें पित्त को संतुलित

 ये पोषक तत्व पित्त को संतुलित कर गुस्सा कंट्रोल करने में करेंगे मदद

  1. शरीर में पित्त को संतुलित रखने के लिए यह जरूरी है कि कुछ ऐसी चीजों को अपने खाने में शामिल किया जाएं जिनमें भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम हो। महिलाओं में मैग्नीशियम की कमी सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। इसी वजह से महलाओं में पित्त बढ़ने की समस्या ज्यादा मिलती है।
  2. विटामिन बी 12 की कमी से भी मूड स्विंग की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इससे आपको थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है। इसकी कमी को दूर करने के लिए डाइट में डेयरी उत्पादों को जरूर शामिल करें। इसके अलावा डाइट में सीफूड जैसे साल्मन मछली, टूना मछली, रेड मीट, बीन्स, सूखे मेवे और शेलफिश आदि चीजों को जरूर शामिल करें।
  3. आयरन की कमी की वजह से भी शरीर में पित्त बढ़ सकता है। आयरन की कमी को पूरा करने के लिए हरी सब्जियों का भरपूर सेवन करें। इसके साथ ही कंद, शकरकंद, दालों का सेवन भी कर सकते हैं।

Pitta Dosha And Gastritis 1 1

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13 thoughts on “क्या आपको भी आता है बहुत ज्यादा गुस्सा? यह पित्त बढ़ने के लक्षण की ओर हो सकता है इशारा- जानिए उपाय”

  1. बहुत बढ़िया जानकारी दी आपने
    आपका बहुत-बहुत धन्यवाद जी 🙏🙏

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  2. अभी अभी बलाग खोला है, हमें परी उम्मीद ही नहीं अपितु पूरा विश्वास है कि हमारी बिटिया ने अच्छा ही‌ लिख होगा, बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ : सुषमा कपिल-कृष्ण मुरारी
    चलो पढ़ते हैं

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